Breaking

कैमोर की पार्षद रिजवाना खान की अनूठी पहल, 60 जरूरतमंद परिवारों को अपने खर्च पर कराएंगी अजमेर शरीफ की जियारत

 


जनसेवा की नई मिसाल: आवागमन से लेकर ठहरने और भोजन तक का खर्च उठाएंगी पार्षद

कैमोर। जनप्रतिनिधि की भूमिका केवल वार्ड की समस्याओं को उठाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरत के वक्त लोगों के साथ खड़े होना भी जनसेवा का अहम हिस्सा है। कैमोर के वार्ड क्रमांक 14 की पार्षद एवं समाजसेवी रिजवाना सद्दाम खान ने इसी सोच को एक नई पहल के जरिए सामने रखा है।

पार्षद रिजवाना सद्दाम खान ने क्षेत्र के करीब 60 जरूरतमंद परिवारों को अपने निजी खर्च पर अजमेर शरीफ की जियारत कराने का संकल्प लिया है। इस धार्मिक यात्रा में शामिल परिवार प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह शरीफ पर जियारत करेंगे।

यात्रा का पूरा खर्च निजी स्तर पर उठाने का संकल्प

इस पहल की खास बात यह है कि यात्रा में शामिल जरूरतमंद परिवारों के आवागमन, ठहरने और भोजन सहित आवश्यक व्यवस्थाओं का खर्च पार्षद रिजवाना सद्दाम खान द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा। पार्षद स्वयं भी इन परिवारों के साथ अजमेर शरीफ जाएंगी।

रिजवाना सद्दाम खान का कहना है कि जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर खुशी देखना उनके लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है। उनका कहना है कि समाज के हर वर्ग की सेवा करना और लोगों की आस्था का सम्मान करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

धर्म से आगे इंसानियत और सेवा का संदेश

इस पहल को लेकर कैमोर में स्थानीय स्तर पर चर्चा है। समर्थकों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जरूरतमंद परिवारों को धार्मिक यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना सेवा का अलग स्वरूप है। उनके मुताबिक जनप्रतिनिधि यदि अपने क्षेत्र के लोगों की जरूरतों के साथ-साथ उनकी भावनाओं और आस्था को भी समझें, तो जनसेवा का दायरा और व्यापक हो सकता है।

अब 60 जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रस्तावित अजमेर शरीफ यात्रा को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। पार्षद की इस पहल को लेकर क्षेत्र में लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

कैमोर ब्यूरो गुलशन चक्रवर्ती कि कलम से...

Post a Comment

Previous Post Next Post