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मैहर में मां शारदा के दरबार तक पहुंची कैमोर की प्रदूषण से मुक्ति की पुकार! एस्बेस्टस कचरे और उड़ती धूल पर उठे सवाल

 

कैमोर की खुशहाली के लिए अधिवक्ता ब्रह्ममूर्ति तिवारी सहित जनप्रतिनिधियों ने मां शारदा से मांगा आशीर्वाद, ओवरलोड गिट्टी परिवहन और प्रदूषण से राहत की लगाई गुहार

कैमोर/मैहर। आस्था के दरबार में इस बार सिर्फ सुख-समृद्धि की कामना नहीं हुई, बल्कि कैमोर की उन समस्याओं से मुक्ति की प्रार्थना भी की गई, जिनका सामना स्थानीय नागरिकों को करना पड़ रहा है। एस्बेस्टस कचरे से जुड़े खतरे और गिट्टी के परिवहन के दौरान उड़ती धूल का मुद्दा लेकर कैमोर के कुछ जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक 17 अक्टूबर को मैहर स्थित मां शारदा के दरबार पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली और विकास की कामना की।

मैहर धाम में मां शारदा के दर्शन करने वालों में जबलपुर हाई कोर्ट के अधिवक्ता एवं कैमोर निवासी ब्रह्ममूर्ति तिवारी, नगर परिषद उपाध्यक्ष संतोष केवट, पूर्व उपाध्यक्ष अजय शर्मा और युवा प्रतीक गुप्ता शामिल रहे। सभी ने माता रानी के समक्ष शीश नवाया और कैमोर के सर्वांगीण विकास तथा नागरिकों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक के उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना भी की गई।

एस्बेस्टस कचरे का मुद्दा उठा, लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता

धार्मिक यात्रा के दौरान कैमोर में एस्बेस्टस वेस्टेज को लेकर चिंता जताई गई। उपस्थित लोगों ने एवरेस्ट कंपनी से निकलने वाले एस्बेस्टस कचरे के कथित दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए क्षेत्रवासियों को संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से राहत दिलाने की प्रार्थना की।

एस्बेस्टस एक ऐसा पदार्थ है, जिसके रेशों के संपर्क में आने से गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है। ऐसे में इसके कचरे का सुरक्षित प्रबंधन, वैज्ञानिक निगरानी और नागरिकों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि, क्षेत्र में बीमारी के मामलों और उनके कारणों की पुष्टि के लिए स्वास्थ्य संबंधी जांच तथा आधिकारिक आंकड़ों की आवश्यकता होगी।

ओवरलोड गिट्टी परिवहन और उड़ती धूल से राहत की मांग

कैमोर में गिट्टी के परिवहन के दौरान सड़क पर सामग्री गिरने और वाहनों से धूल उड़ने की समस्या भी प्रार्थना का प्रमुख विषय रही। प्रतिनिधियों ने कहा कि धूल-मिट्टी और प्रदूषण से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने माता शारदा से प्रार्थना की कि परिवहन से जुड़े लोग नियमों का पालन करें और नागरिकों को राहत मिले।

ओवरलोडिंग, सड़क पर गिट्टी गिरने और धूल नियंत्रण से जुड़े मामलों में नियमों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों और परिवहन संचालकों की जिम्मेदारी है। वाहनों को ढककर सामग्री ले जाना, सड़कों की नियमित सफाई और धूल नियंत्रण जैसे उपाय इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं।

आस्था के साथ जनसमस्याओं के समाधान की उम्मीद

मैहर में हुई इस धार्मिक यात्रा ने कैमोर की स्थानीय समस्याओं को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया। मां शारदा के दरबार में क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुरक्षा की कामना के साथ यह उम्मीद भी जताई गई कि प्रदूषण और धूल से जुड़ी शिकायतों पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।

अब देखने वाली बात होगी कि कैमोर की इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित प्रशासन और जिम्मेदार संस्थाएं क्या कदम उठाती हैं, ताकि क्षेत्रवासियों को स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित जीवन मिल सके।

कैमोर ब्यूरो गुलशन चक्रवर्ती की कलम से ✍️

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