जयकारों से गूंजा खेरमाई मड़िया परिसर, श्रद्धालुओं ने मां काली के दरबार में टेका माथा; पलक और नमित ग्रोवर को बुजुर्गों व वार्डवासियों का मिला स्नेह और आशीर्वाद।
कैमोर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर वार्ड क्रमांक 04 स्थित प्राचीन खेरमाई मड़िया में इन दिनों भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मां काली की भव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। मंदिर परिसर में गूंजते माता रानी के जयकारे और भक्तिमय वातावरण पूरे क्षेत्र को धर्ममय बना रहे हैं।
इसी श्रद्धा और भक्ति के बीच नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती पलक नमित ग्रोवर और समाजसेवी नमित ग्रोवर अपनी टीम के साथ माता खेरमाई के दरबार पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच मां आदिशक्ति की महाआरती कर नगर की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
पलक-नमित ग्रोवर का आत्मीय स्वागत, बुजुर्गों ने दिया आशीर्वाद
वार्ड क्रमांक 04 में पलक और नमित ग्रोवर के पहुंचने पर वार्डवासियों एवं श्रद्धालुओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान बुजुर्गों, माताओं-बहनों और युवाओं ने दोनों के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना की।
महाआरती के दौरान मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ और ‘मां काली की जय’ के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर परिवार और नगर की मंगलकामना की। धार्मिक आयोजन में उमड़ी भीड़ ने नवरात्रि के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था को दर्शाया।
नगर की सुख-समृद्धि के लिए मां के दरबार में प्रार्थना
महाआरती के पश्चात पलक ग्रोवर और नमित ग्रोवर ने मां के चरणों में शीश नवाकर कैमोर नगर के नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने मां खेरमाई की कृपा को नगरवासियों के लिए आस्था और विश्वास का आधार बताया।
विजयादशमी पर महाभंडारा, 21 अक्टूबर को निकलेगा भव्य चल समारोह
खेरमाई मड़िया समिति और वार्डवासियों के अनुसार, नवरात्रि उत्सव के अंतर्गत विजयादशमी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया जाएगा।
वहीं, 21 अक्टूबर को मां काली की विदाई के अवसर पर भव्य चल समारोह निकाले जाने की तैयारी है। इस धार्मिक शोभायात्रा में नगर के श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर भक्तों में उत्साह बना हुआ है।
प्राचीन खेरमाई मड़िया में आयोजित यह उत्सव एक बार फिर कैमोर की धार्मिक परंपरा, सामुदायिक सहभागिता और मां आदिशक्ति के प्रति अटूट श्रद्धा को सामने ला रहा है।
कैमोर ब्यूरो गुलशन चक्रवर्ती की कलम से ✍️


