कैमोर। औद्योगिक नगरी कैमोर में एस्बेस्टस कचरे से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी सवाल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने कैमोर दौरे के दौरान इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए तथा प्रभावित लोगों के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
सिंघार का यह दौरा केवल राजनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने श्रमिक नेता स्वर्गीय पंडित श्याम तिवारी को श्रद्धांजलि देने के साथ स्थानीय लोगों की समस्याओं, औद्योगिक क्षेत्र की चुनौतियों और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी चर्चा की।
श्रमिकों के संघर्ष को किया याद, परिजनों से मिलकर जताया दुख
कैमोर पहुंचने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सबसे पहले दिवंगत श्रमिक नेता पंडित श्याम तिवारी के निवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सिंघार ने श्रमिकों के अधिकारों और उनके हितों के लिए तिवारी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए उनका संघर्ष और समर्पण क्षेत्र की स्मृतियों में बना रहेगा।
एस्बेस्टस कचरे पर चिंता, स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार से सवाल
कैमोर में एस्बेस्टस कचरे से जुड़े संभावित स्वास्थ्य खतरों का मुद्दा उठाते हुए सिंघार ने कहा कि स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार से सवाल करते हुए क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य शिविरों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की।
उनका कहना था कि यदि क्षेत्र के लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो उनकी पहचान, उचित चिकित्सकीय जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
एस्बेस्टस के संपर्क से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा हो सकता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य निगरानी, विशेषज्ञों की सलाह और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने जैसे कदम अहम माने जाते हैं। हालांकि, क्षेत्र में सामने आ रही बीमारियों का एस्बेस्टस कचरे से सीधा संबंध स्थापित करने के लिए वैज्ञानिक जांच और चिकित्सकीय प्रमाण जरूरी हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों से चर्चा, बीमारी और बचाव पर मंथन
दौरे के दौरान सिंघार ने कैमोर पहुंचे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ बैठक की। चर्चा में एस्बेस्टस के संपर्क से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों, उनसे जुड़े लक्षणों, बचाव के उपायों और स्थानीय लोगों को उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विषय शामिल रहे।
इस चर्चा का प्रमुख उद्देश्य क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को समझना और प्रभावित लोगों के लिए बेहतर चिकित्सा सहायता की जरूरत को सामने लाना रहा।
गणेश राव के निवास पर क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष स्थानीय वरिष्ठ नेता गणेश राव के निवास पहुंचे, जहां क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं पर चर्चा हुई। औद्योगिक नगरी कैमोर की सामाजिक परिस्थितियों, नागरिक सुविधाओं और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
सिंघार ने भरोसा दिलाया कि कैमोर के लोगों की समस्याओं और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े विषयों को विधानसभा में उठाने का प्रयास किया जाएगा।
अब सवाल—स्वास्थ्य चिंताओं पर कब उठेंगे ठोस कदम?
कैमोर में एस्बेस्टस कचरे और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उठी चिंताओं के बीच अब निगाहें प्रशासन और सरकार के अगले कदमों पर हैं। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और कचरे से जुड़े संभावित जोखिमों के वैज्ञानिक आकलन की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
अब देखना होगा कि इन मुद्दों पर सरकार और संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं तथा कैमोर के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
कैमोर ब्यूरो गुलशन चक्रवर्ती की रिपोर्ट



