कैमोर। ऐतिहासिक और भव्य दशहरा आयोजन से पहले कैमोर में प्रशासनिक तैयारियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। नवरात्रि और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक में जहां प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का खाका सामने रखा, वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने शहर की बुनियादी समस्याओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से सीधे सवाल कर दिए।
बैठक में एसडीएम वीरेंद्र धार्वे, नायब तहसीलदार राजीव श्रीवास्तव, थाना प्रभारी आशीष कुमार शर्मा, नगर परिषद के पदाधिकारी, एसीसी के सुरक्षा अधिकारी, बिजली विभाग के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय पत्रकार मौजूद रहे।
दशहरे की भव्यता के साथ व्यवस्था की चुनौती
कैमोर का दशहरा लंबे समय से अपनी भव्यता और औद्योगिक नगरी की अलग पहचान के लिए जाना जाता है। ऐसे में हजारों लोगों की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, बिजली, साफ-सफाई और आयोजन स्थलों की व्यवस्थाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती हैं।
बैठक में अधिकारियों ने पर्व के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की। आयोजन से जुड़े विभिन्न पक्षों को भी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर रहने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों के सामने खुली शहर की समस्याओं की फाइल
बैठक का सबसे अहम पहलू यह रहा कि दशहरा व्यवस्था की चर्चा के बीच स्थानीय समस्याओं ने भी जोर पकड़ लिया। मौजूद जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने शहर की सफाई व्यवस्था, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट और बिगड़ती यातायात व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
लोगों का कहना था कि त्योहार के दौरान शहर में सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में यदि सड़क, रोशनी और सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त नहीं की गईं तो श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
त्योहार से पहले व्यवस्थाएं सुधारने की मांग
बैठक में संबंधित विभागों से मांग की गई कि नवरात्रि और दशहरे से पहले शहर की सफाई, खराब स्ट्रीट लाइट और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाए। आयोजन स्थलों पर भीड़ नियंत्रण और पार्किंग सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा हुई।
प्रशासन के सामने साफ संदेश—व्यवस्था में चूक बर्दाश्त नहीं
दशहरा आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीरता बरतने की बात कही गई। अधिकारियों ने आयोजन से जुड़े लोगों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
हालांकि कैमोर में दशहरा पर्व का आयोजन वर्षों से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में होता आया है। अब प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि इस परंपरा को कायम रखते हुए इस बार भी आयोजन को सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य बनाया जाए।
कैमोर ब्यूरो गुलशन चक्रवर्ती की रिपोर्ट


