दूसरे खसरे की आड़ में शासकीय भूमि पर कब्जा दिलाने का दावा; शिकायतकर्ता ने जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई
कटनी। शहर में जमीनों की खरीद-फरोख्त और अवैध प्लॉटिंग को लेकर एक नया मामला सामने आया है। रंगनाथ मंदिर के पीछे टिकरिया हल्के की भूमि पर कथित तौर पर प्लॉटिंग किए जाने और सरकारी जमीन पर कब्जा दिलाने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर स्थानीय निवासी ने नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार को शिकायत सौंपते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुड़वारा तहसील के अंतर्गत रंगनाथ नगर स्थित रंगनाथ मंदिर के पीछे कुछ लोगों द्वारा भूमि पर ले-आउट तैयार कर प्लॉटिंग की जा रही है। शिकायतकर्ता का दावा है कि बिक्री के लिए दूसरे खसरे की जमीन का हवाला दिया जा रहा है, जबकि मौके पर खरीदारों को कथित रूप से शासकीय भूमि पर कब्जा दिलाने की स्थिति बन रही है।
खसरा नंबरों को लेकर उठाए सवाल
रामनिवास सिंह वार्ड निवासी विकास तिवारी ने अपनी शिकायत में भरत सोनी, अभिनंदन सरावगी और सुरेश साहू के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि संबंधित भूमि पर कब्जा कर प्लॉटिंग और विक्रय की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
शिकायत में ग्राम मुड़वारा के हल्का टिकरिया से संबंधित खसरा नंबर 1271/1 और 1271/4 का उल्लेख किया गया है। विकास तिवारी के अनुसार, इन खसरा नंबरों की भूमि को लेकर रजिस्ट्री किए जाने की बात सामने आ रही है, जबकि उनके दावे के मुताबिक संबंधित खसरों में खाली जमीन उपलब्ध नहीं है और वहां पहले से मकान बने हुए हैं।
रजिस्ट्री एक जगह, कब्जा दूसरी जगह? जांच से खुलेगा मामला
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि जमीन के दस्तावेजों में दर्शाए गए खसरे और वास्तविक कब्जे की स्थिति में अंतर हो सकता है। आरोप है कि इसी कथित अंतर की आड़ में लोगों को शासकीय भूमि पर कब्जा दिलाया जा रहा है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला भूमि के स्वामित्व, सीमांकन, रजिस्ट्री और सरकारी जमीन के संरक्षण से जुड़ी गंभीर जांच की मांग करता है।
निगमायुक्त से कार्रवाई की मांग
विकास तिवारी ने नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों के विरुद्ध गतिविधियां पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग भूमि के राजस्व अभिलेखों, खसरा-नक्शे, मौके की स्थिति और रजिस्ट्री दस्तावेजों का मिलान कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। संबंधित पक्षों का जवाब तथा नगर निगम या राजस्व विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।
कटनी ब्यूरो चीफ हीरा विश्वकर्मा की कलम से ✍️

