कटनी में शिकायत के बाद विवाद ने पकड़ा तूल, पत्रकार का दावा—बातचीत के वीडियो को काट-छांटकर पेश किया जा रहा; पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की उठी जरूरत
कटनी। समाज में व्याप्त कथित अनियमितताओं और कुरीतियों से जुड़े मामलों को लेकर खबरें प्रकाशित करना कई बार पत्रकारों को विवादों के घेरे में भी ला खड़ा करता है। कटनी में इन दिनों ऐसा ही एक मामला चर्चा में है, जहां एक युवक की लिखित शिकायत और एक पत्रकार की ओर से सामने रखे गए वीडियो को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार, दीपक भैरवानी नामक युवक ने एक लिखित शिकायत में पत्रकार पर 10 लाख रुपये मांगने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, संबंधित पत्रकार ने इन आरोपों को गलत बताते हुए अपना पक्ष सामने रखा है। पत्रकार का दावा है कि शिकायतकर्ता कार्यालय में हुई बातचीत का वीडियो बनाकर उसके चुनिंदा हिस्सों को काट-छांटकर प्रस्तुत कर रहा है, जबकि पूरी बातचीत का संदर्भ अलग है।
भाई के खिलाफ दर्ज मामले से भी जुड़ रहा विवाद
विज्ञप्ति में यह भी दावा किया गया है कि दीपक भैरवानी के भाई विजय के खिलाफ माधवनगर पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़ी रकम के कथित हेरफेर के मामले में प्रकरण दर्ज किया है और वह फिलहाल जेल में है। इसी प्रकरण के सिलसिले में दीपक से भी पूछताछ किए जाने की बात कही गई है। पत्रकार का दावा है कि इस मामले से संबंधित खबरें प्रकाशित होने के बाद ही उनके बीच विवाद बढ़ा।
हालांकि, इन घटनाओं के बीच किसी तरह के दबाव, षड्यंत्र या अन्य व्यक्तियों के संरक्षण से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वीडियो को लेकर आमने-सामने दावे
पत्रकार की ओर से जारी पक्ष में कहा गया है कि दीपक भैरवानी जब कार्यालय में मिलने पहुंचा, तब हुई बातचीत का वीडियो बनाया गया था। पत्रकार का आरोप है कि वीडियो के कुछ हिस्सों को अलग संदर्भ में प्रस्तुत कर उनकी छवि प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका यह भी दावा है कि बातचीत के दौरान उन्हें रुपये देने के प्रस्ताव रखे गए थे, जिन्हें उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
दूसरी तरफ, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए 10 लाख रुपये मांगने और धमकी देने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। केवल किसी एक पक्ष के बयान या संपादित वीडियो के आधार पर पूरे मामले का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
निष्पक्ष जांच से सामने आएगा सच
मामले में अब सबसे अहम सवाल यह है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है और सामने आए वीडियो की पूरी रिकॉर्डिंग में बातचीत का संदर्भ क्या है। दोनों पक्षों के दावों, उपलब्ध साक्ष्यों और वीडियो की प्रामाणिकता की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कटनी में यह मामला पत्रकारिता, शिकायत और कथित वीडियो को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
वायरल वीडियो
कटनी ब्यूरो चीफ हीरा विश्वकर्मा की कलम से ✍️ ✍️
