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पलटा ट्रैक्टर, रात की खुदाई और गायब होती मशीनों की चर्चा!

 

रात के अंधेरे में मुरुम का खेल? खरखरी नंबर-1 में पलटा ट्रैक्टर, मीडिया पहुंची तो JCB और वाहन हटाने की चर्चा!

कटनी में कथित अवैध उत्खनन को लेकर सवाल, पति सरपंच अमित पांडे के बयान से बढ़ी हलचल; अनुमति से लेकर कार्रवाई तक पर प्रशासन से जवाब का इंतजार

कटनी। रात का अंधेरा, मुरुम से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और मौके पर पलटा हुआ वाहन... कटनी जिले के ग्राम खरखरी नंबर-1 से सामने आए इस घटनाक्रम ने मुरुम उत्खनन की अनुमति और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि गांव में रात के समय जेसीबी से मुरुम की खुदाई की जा रही थी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए उसका परिवहन हो रहा था। मामले की जानकारी मिलने पर मीडिया मौके पर पहुंची, जहां मुरुम से भरा एक ट्रैक्टर पलटा हुआ मिला।

इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि उत्खनन के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी, तो उसकी शर्तों का पालन हो रहा था या नहीं? और यदि अनुमति नहीं थी, तो आखिर किसकी निगरानी में खुदाई और परिवहन किया जा रहा था?

पति सरपंच अमित पांडे के कथित बयान ने बढ़ाए सवाल

मौके पर मौजूद पति सरपंच अमित पांडे के हवाले से बताया गया कि उन्होंने मुरुम की खुदाई दिन में करने के लिए कहा था, लेकिन काम रात में किया जा रहा था। इस कथित बयान के बाद घटनाक्रम को लेकर सवाल और गहरा गए हैं।

हालांकि, इस बयान का पूरा संदर्भ और संबंधित पक्ष का आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि उत्खनन किसके निर्देश पर हो रहा था, मुरुम कहां से निकाली जा रही थी और उसके परिवहन के लिए आवश्यक अनुमति तथा दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

मीडिया पहुंची तो JCB और ट्रैक्टर हटाने का आरोप

मामले में एक और गंभीर आरोप यह है कि मीडिया के मौके पर पहुंचने के बाद गांव के लोगों को बुलाया गया और ट्रैक्टर तथा जेसीबी मशीन को वहां से हटवा दिया गया। यदि ऐसा हुआ है, तो यह जानना जरूरी होगा कि वाहन और मशीनें किसके निर्देश पर हटाई गईं और उस समय मौके पर क्या गतिविधियां चल रही थीं।

हालांकि, वाहनों और मशीनों को हटाए जाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटनास्थल की जांच, उपलब्ध तस्वीरों या वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

खनिज विभाग की निगरानी पर सवाल, अनुमति की जांच जरूरी

मुरुम का उत्खनन और परिवहन नियमानुसार अनुमति तथा लागू शर्तों के अधीन होता है। ऐसे में खरखरी नंबर-1 में कथित तौर पर रात के समय चल रही खुदाई को लेकर संबंधित विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

क्या उत्खनन के लिए वैध अनुमति जारी की गई थी? क्या खुदाई निर्धारित स्थान और स्वीकृत सीमा में हो रही थी? क्या परिवहन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध थे? इन सवालों का जवाब खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की जांच से ही मिल सकेगा।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाए गए। संबंधित अधिकारियों का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

खरखरी नंबर-1 का यह मामला जांच की मांग करता है। प्रशासन और खनिज विभाग यदि मौके का निरीक्षण कर उत्खनन की अनुमति, परिवहन के दस्तावेज और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करते हैं, तो पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकती है।

फिलहाल, रात में मुरुम की खुदाई, पलटे ट्रैक्टर और मशीनों को हटाए जाने से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग मामले को संज्ञान में लेकर जांच करता है या नहीं और जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आने पर क्या कार्रवाई की जाती है।


कटनी ब्यूरो चीफ हीरा विश्वकर्मा की कलम से ✍️

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