कैमोर | गुलशन चक्रवर्ती। प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और मंच मिल जाए, तो छोटे शहरों से भी बड़ी पहचान बनाने का रास्ता खुल सकता है। कैमोर के मुरलीधर मंदिर (एसीसी) परिसर में शारदीय नवरात्रि के दौरान आयोजित गरबा कार्यक्रम ने इसी भावना को केंद्र में रखा। मुंबई से आई डीजे नाइट गरबा टीम, जबलपुर की गरबा प्रशिक्षक आरोही सिंह ठाकुर और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को खास बना दिया।
इस आयोजन में कैमोर और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों, युवाओं तथा स्थानीय कलाकारों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिला। कार्यक्रम को लेकर नगर में उत्साह का माहौल रहा और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की पहल चर्चा का विषय बनी।
मुंबई से आई टीम, जबलपुर की प्रशिक्षक ने दिया मार्गदर्शन
नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती पलक नमित ग्रोवर के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के लिए मुंबई की डीजे नाइट गरबा टीम को आमंत्रित किया गया। इसके साथ ही जबलपुर की गरबा प्रशिक्षक आरोही सिंह ठाकुर ने भी स्थानीय प्रतिभागियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया।
आयोजन का उद्देश्य गरबा और नृत्य में रुचि रखने वाले स्थानीय कलाकारों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना रहा। बाहरी प्रशिक्षकों के अनुभव और स्थानीय कलाकारों के उत्साह के मेल ने कार्यक्रम को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया।
स्थानीय कलाकारों को मिला अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि कैमोर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों को सांस्कृतिक मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिला। बच्चों और युवाओं ने गरबा सहित विभिन्न नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई।
स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि इससे उभरते कलाकारों को आत्मविश्वास मिलता है और उन्हें अनुभवी प्रशिक्षकों से सीखने का मौका मिलता है। प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने वाली ऐसी पहलें क्षेत्र की सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा दे सकती हैं।
कलाकारों और अभिभावकों में दिखा उत्साह
आयोजन में हिस्सा लेने वाले कलाकारों और उनके परिजनों के लिए यह अवसर उत्साह और गर्व से जुड़ा रहा। प्रशिक्षण और मंच मिलने से प्रतिभागियों को अपने कौशल को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
विज्ञप्ति के अनुसार, स्थानीय कलाकारों और उनके परिवारों ने इस पहल के लिए नगर परिषद अध्यक्ष पलक नमित ग्रोवर के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर और प्रोत्साहन देकर उनकी कला को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं।
छोटे शहर की प्रतिभाओं को बड़े मंच से जोड़ने की पहल
कैमोर में आयोजित इस गरबा कार्यक्रम ने नवरात्रि के सांस्कृतिक उत्सव को स्थानीय प्रतिभाओं के प्रोत्साहन से जोड़ने का प्रयास किया। मुंबई और जबलपुर से आए प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन तथा स्थानीय कलाकारों की भागीदारी ने आयोजन को अलग पहचान दी।
अब इस तरह की सांस्कृतिक गतिविधियों को नियमित अवसरों में बदलना महत्वपूर्ण होगा, ताकि कैमोर के प्रतिभाशाली बच्चों और युवाओं को आगे भी प्रशिक्षण, मंच और अपनी कला निखारने के अवसर मिल सकें।
कैमोर ब्यूरो गुलशन चक्रवर्ती की कलम से

